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पांच कार्यक्रम, कई सियासी संदेश छोड़ गए अमित शाह

गोपालक सम्मेलन और डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए 255 करोड़ लागत से बन रहे डेयरी प्लांट का अमित शाह ने किया डिजिटल भूमि पूजन

रवीन्द्र त्रिपाठी

भोपाल।गोपालक सम्मेलन और डेयरी क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए भोपाल में 255 करोड़ रुपए लागत से बनाए जाने वाले तीन लाख लीटर क्षमता वाले दुग्ध प्रसंस्करण डेयरी प्लांट का डिजिटल भूमि पूजन गृहमंत्री अमित शाह ने किया। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित सम्मेलन में 35 हजार से अधिक पशुपालकों और दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों के जुटने की उम्मीद थी। उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध प्रसंस्करण क्षमता वाले डेयरी प्लांट का डिजिटल भूमिपूजन भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा।

नए आपराधिक कानूनों का प्रदर्शन

शाह ने भोपाल में न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया गया था।

उच्च शिक्षा और सहकारिता पर जोर

कार्यक्रम में IISER भोपाल के अत्रि परिसर का शिलान्यास और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम भी शामिल था। गृह मंत्रालय से संबंधित बैठक और मादक पदार्थों के मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी निर्धारित थी।

दौरे के बीच सरकार से जवाब मांगते सवाल

अमित शाह के भोपाल पहुंचने से पहले कांग्रेस ने राज्य सरकार को आदिवासी बच्चों की मौतों, सागर की जहरीली शराब त्रासदी और इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों जैसे मामलों पर घेरा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इन घटनाओं की जांच, प्रशासनिक जवाबदेही और कार्रवाई का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौतों से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आदिवासी कल्याण के सवाल उठाए थे। इस पृष्ठभूमि में शाह का दौरा केवल सरकारी परियोजनाओं तक सीमित चर्चा का विषय नहीं रहा; राज्य में शासन और जनकल्याण के प्रदर्शन पर राजनीतिक बहस भी इसके साथ जुड़ी रही। अब निगाहें गृह मंत्रालय की बैठक और सरकार की जवाबदेही पर हैं। डेयरी क्षेत्र में निवेश और सहकारी संस्थाओं को सहायता की घोषणाओं का वास्तविक लाभ पशुपालकों तक कितना पहुंचता है, यह उनके क्रियान्वयन से स्पष्ट होगा। इसी तरह जनस्वास्थ्य से जुड़ी घटनाओं में जांच, जिम्मेदारी तय करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की दिशा में क्या कदम उठते हैं, यह भी महत्वपूर्ण रहेगा।