लोकतंत्र में सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी राजनीतिक पसंद-नापसंद से तय नहीं हो सकती; कलेक्टर-एसपी की भूमिका पर उठाए सवाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अमित शाह से की जांच की मांग
रवीन्द्र त्रिपाठी
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक अक्टूबर को बालाघाट जिले के बैहर क्षेत्र स्थित जगला गांव के दौरे के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सुरक्षा प्रोटोकॉल से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी जगला गांव में बीमारी और कुपोषण के कारण अपने बच्चों को खो चुके आदिवासी परिवारों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा जानने पहुंचे थे। पटवारी ने कहा कि यह प्रभावित परिवारों से संवाद का कार्यक्रम था, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय में किसी भी तरह की लापरवाही के आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।
पटवारी ने पत्र में उल्लेख किया कि 29 सितंबर को बालाघाट जिला पुलिस ने बैहर विधायक एवं कांग्रेस के जिला अध्यक्ष संजय उईके से राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम, संभावित भीड़, स्वयंसेवकों, पार्किंग, यातायात और उनसे मिलने वाले लोगों की जानकारी मांगी थी। पुलिस ने क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित भी बताया था। कांग्रेस ने इसी आधार पर सवाल उठाया है कि जब पुलिस को दौरे की जानकारी थी, तो कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की मौके पर अनुपस्थिति का कारण क्या था। पटवारी ने गृह मंत्रालय से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब करने, मध्यप्रदेश सरकार से लिखित स्पष्टीकरण मांगने तथा ड्यूटी चार्ट, सुरक्षा बैठकों और अधिकारियों की अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी द्वारा निर्धारित दायित्वों की अवहेलना प्रमाणित होती है, तो संबंधित सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि प्रशासनिक जिम्मेदारी राजनीतिक पसंद-नापसंद से नहीं, बल्कि संविधान और कानून के अनुरूप निभाई जानी चाहिए।
