Advertisement
f ▶ ◎ 𝕏

उज्जैन में 6 दिसंबर को जुटेगा संतों का जमावड़ा, धर्म संसद-2026 में मुख्य अतिथि होंगे संतोष दुबे

‘सनातन चेतना का महाकुंभ’ बनेगा धर्म संसद का केंद्रबिंदु, संस्कारों से लेकर AI की चुनौतियों तक होगा मंथन

रवीन्द्र त्रिपाठी

अयोध्या/उज्जैन। सनातन संस्कृति, युवा पीढ़ी के संस्कारों और धर्मबोध की चुनौतियों पर मंथन के लिए मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में 6 दिसंबर 2026 को ‘धर्म संसद-2026 : सनातन चेतना का महाकुंभ’ का आयोजन होगा। अयोध्या के धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे को इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इंदौर से प्रकाशित समाचार पत्र कोदंड गर्जना की ओर से आयोजित इस धर्म संसद में सनातन सिद्धांतों को वर्तमान जीवन में व्यावहारिक रूप से अपनाने पर विमर्श होगा। आयोजकों के अनुसार, वर्तमान समय में युवा पीढ़ी के संस्कार, चरित्र निर्माण, धर्मबोध और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी नई तकनीकों से पैदा हो रही चुनौतियां गंभीर विषय हैं। ऐसे में सनातन परंपराओं को केवल मंदिरों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जीवन और आचरण का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा। धर्म संसद का केंद्रीय विचार ‘संस्कार से विश्वकल्याण तक—सनातन सिद्धांतों का वर्तमान जीवन में व्यावहारिक प्रयोग’ रखा गया है। आयोजकों का मानना है कि इस आयोजन के माध्यम से सनातन संस्कृति से जुड़े समकालीन प्रश्नों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
कोदंड गर्जना के प्रकाशक एवं प्रधान संपादक शीतल रॉय ने संतोष दुबे से धर्म संसद में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर अपने विचारों से आयोजन को दिशा देने का आग्रह किया है।

आयोजन की प्रमुख जानकारी

तिथि: 6 दिसंबर 2026, रविवार
समय: शाम 5 बजे
स्थान: मध्य प्रदेश सामाजिक विज्ञान शोध संस्थान, रामसखा गौतम मार्ग, भरतपुरी प्रशासनिक क्षेत्र, उज्जैन (मध्य प्रदेश)
मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित: संतोष दुबे, प्रमुख, धर्म सेना, अयोध्या।
—————————————–
धर्म संसद का आयोजन ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों की प्रासंगिकता, युवा पीढ़ी की बदलती सोच और तकनीकी बदलावों के बीच परंपरा की भूमिका पर व्यापक बहस जारी है। अब देखना होगा कि उज्जैन की यह धर्म संसद इन मुद्दों पर किस तरह का विमर्श सामने लाती है।