रवीन्द्र त्रिपाठी
अयोध्या। आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद से लेकर उत्तर प्रदेश विधानसभा तक भाजपा सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बचती रही, क्योंकि उसके पास जनता के सवालों का जवाब नहीं है। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि संसद का अगला सत्र नवंबर में होगा, लेकिन इस मुद्दे पर जनता के बीच बहस लगातार जारी रहेगी और 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता अपने वोट से जवाब देगी। धर्मेंद्र यादव अयोध्या में आयोजित मुलायम सिंह यादव शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने शिक्षकों को सम्मानित किया और कार्यक्रम के आयोजन के लिए पूर्व मंत्री पवन पांडेय का आभार जताया।
‘19 दिन संसद चली, हर दिन चर्चा की मांग की’
सपा सांसद ने कहा कि संसद के 19 दिनों के सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी ने हर दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर चर्चा की मांग उठाई, लेकिन सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी भाजपा इस मुद्दे पर चर्चा से बचती रही। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि यदि सरकार के पास पूरे तथ्य और जवाब हैं तो उसे सदन में चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या है, जिसे लेकर सरकार सदन में चर्चा कराने से बच रही है?
‘मंदिर में चोरी हुई तो बुलडोजर कहां है?’
राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर धर्मेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी सीधा निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि “जब मंदिर में चोरी हुई तो उनका बुलडोजर कहां है?”
उन्होंने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें 15 दिन के भीतर ‘दूध का दूध, पानी का पानी’ करने की बात कही गई थी। धर्मेंद्र यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अब पत्रकारों से पूछा जा रहा है कि क्या 15 दिन में सच्चाई सामने आ गई?
सपा सांसद ने कहा कि यदि जांच और कार्रवाई अभी तक पूरी नहीं हुई है तो जनता को सरकार के दावों पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस मामले का सच जनता के सामने आना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
एमएसपी और किसानों के मुद्दे पर भी घेरा
धर्मेंद्र यादव ने किसान मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और MSP तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के वादे पूरे नहीं किए गए। गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर उन्होंने कह कि किसानों का बकाया भुगतान करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसे सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।
2027 को लेकर दिया सियासी संदेश
धर्मेंद्र यादव के बयान में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी जमीन भी साफ नजर आई। उन्होंने कहा कि संसद का सत्र भले ही नवंबर में फिर शुरू होगा, लेकिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी सहित जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस सड़क से लेकर गांव तक जारी रहेगी।
उन्होंने दावा किया कि जनता सब देख रही है और 2027 में अपने वोट के जरिए सरकार को जवाब देगी।
