भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान सियासी माहौल गरमा गया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी राजनीति को ‘हिट एंड रन’ करार दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और राजनीतिक जिम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोकतंत्र और न्यायिक संस्थाओं का मजाक उड़ाने वालों को जनता माफ नहीं करेगी। भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति, एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण), आपातकाल और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। नड्डा ने जहां राहुल गांधी के राजनीतिक रवैये पर निशाना साधा, वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी की राजनीति ‘हिट एंड रन’, नड्डा ने बताया ‘अबोध बालक’
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक कार्यशैली की तुलना कॉलेज के ऐसे विद्यार्थी से की, जो परीक्षा में सफल होने पर अपनी योग्यता का श्रेय खुद लेता है, लेकिन असफल होने पर शिक्षक को दोषी ठहराने लगता है। नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी का भी यही रवैया है। जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो उसे चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग निष्पक्ष दिखाई देते हैं, लेकिन चुनाव में हार मिलने पर वही पार्टी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने राहुल गांधी को ‘अबोध बालक’ बताते हुए कहा कि उन्हें अपनी राजनीति और कार्यशैली पर आत्मचिंतन करना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करती है। इस तरह की राजनीति से देश में भ्रम और अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस के शासनकाल में 90 बार बर्खास्त हुईं चुनी हुई सरकारें: नड्डा
अटल पथ पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में देश ने आपातकाल जैसी स्थिति देखी, उसे आज लोकतंत्र की रक्षा की बात करने से पहले अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। नड्डा ने दावा किया कि कांग्रेस के शासनकाल में करीब 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया गया। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि वह स्वयं भी उस दौर के भुक्तभोगी रहे हैं। उन्होंने बताया कि आपातकाल के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार कर जेल में डाला गया था। अपने अनुभव का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि कॉलेज के दिनों में उन्हें भी कक्षा से उठाकर ले जाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने तथा राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस को अगले 20-30 साल तक राजनीतिक जगह नहीं मिलेगी: नड्डा
जेपी नड्डा ने कांग्रेस के भविष्य को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है और आने वाले 20 से 30 वर्षों तक पार्टी को राजनीतिक रूप से जगह मिलने की संभावना नहीं है। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) का समर्थन करते हुए नड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को शुद्ध और व्यवस्थित करने का काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रही है, क्योंकि वह चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े करना चाहती है। नड्डा ने दावा किया कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में मौजूद गड़बड़ियों को दूर किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस पर जाली वोटों के सहारे चुनाव जीतने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। आपातकाल के दौरान हुई गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि उस समय करीब 1.30 लाख लोगों को जेल में डाला गया था। नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस का इतिहास भी जनता को याद रखना चाहिए।
मोदी को गालियां देने से सत्ता नहीं मिलेगी: नड्डा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर भी जेपी नड्डा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक हताशा में प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रही है। नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां करने से कांग्रेस को राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है। जनता इस तरह की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस को आगामी चुनावों में मुकाबले की चुनौती देते हुए कहा कि वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश और 2028 में मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में मुकाबला करके देख लिया जाए। इन चुनावों में जनता का समर्थन किसे मिलता है, यह स्पष्ट हो जाएगा।
लोकतंत्र का मजाक उड़ाने वालों को जनता माफ नहीं करेगी: मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जब सत्ता में होती है तो लोकतंत्र की बात करती है, लेकिन राजनीतिक परिस्थितियां उसके अनुकूल नहीं होने पर संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है।मुख्यमंत्री ने न्यायपालिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जब भी न्यायालय ने कांग्रेस के खिलाफ फैसला सुनाया, तब पार्टी ने न्यायाधीशों और न्यायालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।डॉ. यादव ने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी जेब की पुड़िया समझने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनता के नेता हैं और देश की जनता का विश्वास उनके साथ है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और जनता अपने फैसले से हर राजनीतिक दल को जवाब देती है।
विदेशी ताकतों से सहयोग लेकर देश को अस्थिर करने की कोशिश: हेमंत खंडेलवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता का माहौल बनाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।खंडेलवाल ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में अब तक हुए 12 एसआईआर में से 10 कांग्रेस की सरकारों के कार्यकाल में हुए हैं। इसके बावजूद आज कांग्रेस इसी प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे आरोप लगाने के बाद राजनीतिक रूप से पीछे हटने की रणनीति अपनाते हैं। खंडेलवाल ने यह दावा भी किया कि कांग्रेस विदेशी ताकतों से सहयोग लेकर भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेगी।
भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, चुनावी मुद्दों पर बढ़ी सियासी बयानबाजी
भोपाल में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के जरिए भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को कई राजनीतिक और संवैधानिक मुद्दों पर घेरा। जेपी नड्डा ने राहुल गांधी की राजनीति, चुनाव आयोग और आपातकाल को लेकर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न्यायपालिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया।वहीं, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने एसआईआर और कथित विदेशी सहयोग को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाए। इस कार्यक्रम से साफ है कि मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है।