भोपाल। मध्य प्रदेश के डिप्टी CM और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा- इंटर्न्स, जूडा और एमटीए प्रतिनिधिमंडल के साथ मीटिंग हुई। इंटर्न डॉक्टर्स की मांगें मान ली गई हैं। अब 21,500 रुपए स्टाइपेंड मिलेगा। छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में 2 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।स्वास्थ्य मंत्री शुक्ल ने कहा- जांच के लिए टीम गठित की गई है। घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्ल ने कहा- इंटर्न डॉक्टर्स हमारे फैसले से खुश हैं। सरकार ने 50% स्टाइपेंड बढ़ाया है। मंत्री शुक्ल ने कहा- हमारे देश की डॉक्टर सबसे बड़ी ताकत हैं। आप हमेशा मुस्कुराकर अपना काम करते रहिए। सरकार आपके साथ है और आपकी सभी मांगों को ध्यान में रखकर पूरा कर रही है। विदेश में होते हुए CM डॉ. मोहन यादव ने आपके हित में फैसला सुनाया।
3 दिन आंदोलन के बाद सरकार ने मानी मांगें, आंदोलन खत्म
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टर 3 दिन से आंदोलन कर रहे थे। भोपाल में कमला पार्क के पास बड़ा प्रदर्शन चल रहा था। इसका असर प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों की ओपीडी सेवाओं पर पड़ा। तीसरे दिन डॉक्टर्स ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में बुधवार दोपहर 12 बजे तक ओपीडी बंद रही। सीनियर डॉक्टरों ने मरीजों को देखा। किडनी और लिवर के मरीज परेशान होते दिखे। हमीदिया अस्पताल में बुधवार को सिर्फ 2 ऑपरेशन हुए, जबकि सामान्य दिनों में 40 से ज्यादा ऑपरेशन होते हैं।
उप मुख्यमंत्री बोले- चर्चा का परिणाम अच्छा निकला
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा- छात्रों से सकारात्मक चर्चा का परिणाम अच्छा निकला है। मुख्यमंत्री की सहमति से उनका स्टाइपेंड बढ़ाने का फैसला लिया गया है। अब उनको हर माह 21,500 रुपए मिलेंगे। छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में 2 पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।
मांगें पूरी होने पर जीत का जश्न मना रहे इंटर्न डॉक्टर
इंटर्न डॉक्टरों से मुलाकात और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद डिप्टी CM एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल यहां से रवाना हो गए। सरकार की ओर से मांगें माने जाने के बाद छात्रों में खुशी की लहर है। इंटर्न डॉक्टर अपनी मांगें पूरी होने पर जीत का जश्न मना रहे हैं। नारेबाजी कर खुशी जाहिर कर रहे हैं।
